UGC notification on Universities convocation
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को जारी किया पत्र
सूत कातने वालों और बुनकरों को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रयागराज, 27 अक्तूबर। केंद्रीय विश्वविद्यालयों और उनके संघटक महाविद्यालयों में दीक्षांत समारोह के दौरान अब खादी के परिधान उपयोग में लाए जाएंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव रजनीश जैन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर कहा गया है कि समारोह परिधान के लिए खादी या हथकरघा कपड़े को अपनाने के लिए अपने स्तर से कार्यवाही करें ताकि बुनकरों को प्रोत्साहन मिल सके।
सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने खादी के उपयोग और हथकघा के पुनरुद्धार को काफी महत्व दिया है। महात्मा गांधी ने भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष के दौरान हाथ से काते गए सूत और हथकरघा कपड़े, खादी का उपयोग एक हथियार के रूप् में किया था, इसलिए इसे ‘स्वतंत्रता की वर्दी’ के रूप में भी जाना जाता है। खादी और हथकरघे का कपड़ा न केवल हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत का एक अभिन्न अंग है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों आजीविका का अवसर भी प्रदान करता है।
सचिव ने पत्र के जरिये सभी विश्वविद्यालयों से अनुरोध किया है कि दीक्षांत समारोह आद जैसे विशेष अवसरों के लिए निर्धारित समारोह परिधान के लिए खादी या अन्य हथकरघा कपड़े का उपयोग करने पर विचार करें। इसे विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के ध्यान में भी लाया जाए। खादी और अन्य हथकरघा कपड़े का उपयोग न केवल भारतीय होने का गौरव प्रदान करेगा, बल्कि गर्म और आर्र्द मौसम में भी अधिक आरामदायक होगा। इससे उपयोग से खादी एवं सूत कातने वालों के साथ बुनकरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।