चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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जवाहर पंडित हत्याकांड के आरोपी उदयभान करवरिया और उनके भाइयों को नैनी सेंट्रल जेल से हटाकर मिर्जापुर जेल स्थानांतरित करने पर अदालत ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक नैनी कारागार से स्पष्टीकरण मांग लिया है। कोर्ट ने पूछा है कि जब सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट से मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश है तो किस वजह से अभियुक्तों की जेल बदलने का निर्णय लिया गया। जेल बदलने से पूर्व प्रशासन के अधिकारियों ने न्यायालय से न तो अनुमति ली है और न ही सूचित किया है।
जवाहर पंडित हत्याकांड में बृहस्पतिवार को सुनवाई थी। मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करना है। जेल बदले जाने के कारण करवरिया बंधुओं को सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। अभियोजन ने इस बाबत न्यायालय को अवगत कराया। उदयभान की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अर्जी देकर कहा गया कि मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दिया गया है, इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में उदयभान पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर उनको नैनी से मिर्जापुर जेल स्थानांतरित कर दिया। जबकि विचाराधीन मुकदमे के बंदी को बिना कोर्ट की इजाजत से जेल से स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। मामले की सुनवाई कर रहे अपर जिला जज रमेश चंद्र ने आठ फरवरी से पहले इस मामले में स्पष्टीकरण देने तथा हर तारीख पर अभियुक्तों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि गत दिनों जिलाधिकारी और एसएसपी ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम के साथ नैनी जेल पर छापा मारा था। छापे के दौरान उदय भान की बैरक का दरवाजा भीतर से बंद पाया गया। उदय भान जेल परिसर में घूमते पाए गए। अन्य कई अनियमितताएं भी पाई गई जिसके आधार पर प्रशासन ने उनको नैनी जेल से हटाकर मिर्जापुर जेल भेज दिया।