यात्री पूछताछ कार्यालय गए तो वहां से उन्हें कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला। जिनका रिजर्वेशन विभूति में 20 अक्तूबर को प्रयागराज रामबाग से था वे काफी परेशान दिखे। कुछ ने अपने रिजर्वेशन ही निरस्त करवा दिए तो कुछ रातभर प्लेटफॉर्म पर ही रुककर ट्रेन का इंतजार करते रहे।
ट्रेन यहां आने के बाद भी स्टेशन पर उन्हें इस बात की जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि वह कितने बजे जाएगी। इस आपाधापी में 20 अक्तूबर की विभूति दोपहर 1:35 बजे एवं 21 अक्तूबर वाली विभूति शाम पांच बजे यहां से रवाना हुई। वहीं, हावड़ा से 19 अक्तूबर वाली विभूति यहां सुबह 11:07 बजे और 20 वाली दोपहर 1:56 बजे यहां पहुंची।