इरादतगंज फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रही हावड़ा-मुम्बई रेलवे रूट पर रीता जायसवाल(28) ने बेटी कोमल(8) समेत ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। महिला 13 वर्षीय बेटे हर्ष को भी साथ लेकर पहुंची थी लेकिन उसने ऐन वक्त पर हाथ छुड़ा लिया और उसकी जान बच गई। परिवारवालों का कहना है कि वह मानसिक रूप से कमजोर थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
शंकरगढ़ के जूही गांव निवासी पिंटू जायसवाल फतेहपुर में शराब की दुकान में सेल्समैन है और वहीं रहता भी है। उसकी पत्नी रीता दोनों बच्चों के साथ कोतवाली के चाका ब्लॉक के पास किराए के कमरे में रहती थी। रविवार शाम वह बच्चों के साथ टेंपो से इरादजगंज फ्लाईओवर के पास पहुंची और फिर सीढ़ी से उतरकर रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गई।
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- फोटो : अमर उजाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों काफी देर तक रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोगों ने टोका तो महिला ने बताया कि पैदल चलते-चलते थक गए हैं, इसलिए थोड़ा आराम करने के लिए बैठ गए हैं। शाम करीब पौने छह बजे मुम्बई-हावड़ा रूट पर गोदान एक्सप्रेस गुजरी और इसी दौरान महिला ने दोनों बच्चों का हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इस दौरान बेटे ने तो हाथ छुड़ा लिया लेकिन महिला बेटी समेत ट्रैक पर जा गिरीं और ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहां से भागकर बेटे हर्ष ने करीब ही रहने वाली मौसी संगीता जायसवाल को जानकारी दी तो कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिवारवाले मौके पर पहुंचे। सूचना पर सीओ करछना घूरपुर थाने की फोर्स संग आ गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। जानकारी पर मृतका की दूसरी बहन रूपा जायसवाल पत्नी सुरेंद्र जायसवाल निवासी चाका भी पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उन्होंने बताया कि रीता मानसिक रूप से कमजोर थी। पति महीने में एक बार ही आया करता था, जिसे लेकर वह काफी परेशान रहती थी। सीओ करछना राजेश कुमार यादव ने बताया कि परिवारिक विवाद की बात सामने नहीं आई है। पति को सूचना दे दी गई है।