ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन की तस्करी में हिरासत में लिए गए शहर के दोनों मेडिकल स्टोर संचालक रविवार को कानपुर में गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। इनमें नैनी के आबलीगो मेडिकल स्टोर का संचालक पंकज अग्रवाल व हिम्मतगंज के बाजपेयी मेडिकल स्टोर का संचालक मधुरम बाजपेयी शामिल हैं। कानपुर पुलिस का दावा है कि दोनों तीन दिन पहले गिरफ्तार किए गए तस्करों के साथी हैं और इस गोरखधंधे में काफी दिनों से लिप्त थे।
गिरफ्तार किया गया पंकज पुत्र सुशील अग्रवाल नैनी के चकरघुनाथ का रहने वाला है, जबकि मधुरम उर्फ सुमंत पुत्र प्रवीण धूमनगंज के कालिंदीपुरम में रहता है। हालांकि मधुरम का मूल निवास कानपुर के मछरिया सेंट जार्ज स्कूल के सामने नौबस्ता, कानपुर नगर में है। तीन दिन पहले कानपुर में ब्लैक फंगस के नकली एमफोनेक्स इंजेक्शन (एम्फोटेरेसिन बी साल्ट) के साथ ज्ञानेश शर्मा और प्रकाश मिश्रा गिरफ्तार किए गए थे।
उनसे पूछताछ मेें सामने आया कि दोनों को इंजेक्शन प्रयागराज के नैनी में रहने वाले पंकज अग्रवाल व कालिंदीपुरम निवासी मधुरम बाजपेयी उपलब्ध कराते थे। जिसके बाद शहर पहुंची कानपुर पुलिस की एक टीम दोनों को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई थी। दो दिनों तक चली पूछताछ के बाद यह साफ हो गया कि दोनों नकली इंजेक्शन के साथ पकड़े गए ज्ञानेश व मधुरम के साथी थे और इस गोरखधंधे में बराबर के भागीदार थे। जिसके बाद कानपुर के ग्वालटोली थाने में दर्ज मुकदमे में उन्हें भी आरोपी बनाया गया।
साथ ही मुकदमे में आपराधिक साजिश की धारा की बढ़ोतरी करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। दोनों को दवा में मिलावट करने व मिलावटी दवा बेचने, धोखाधड़ी, कूटरचना व आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में आरोपी बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि दोनों से पूछताछ में नकली इंजेक्शन की तस्करी के इस खेल में शामिल कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं, जिसके बाद कानपुर पुलिस उनकी भी तलाश में जुट गई है।