एसआरएन अस्पताल में कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव कराने से मना करने और ऑपरेशन के दौरान ड्यूटी से नदारद दो आउटसोर्सिंग नर्सों को अस्पताल प्रबंधन ने निलंबित कर दिया गया है। एसआईसी ने दोनों नर्सों की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति संबंधित एजेंसी से की है। वहीं दो चिकित्सकों पर भी कार्रवाई लटकी है, इनकी शिकायत शासन के साथ कमिश्नर से की गई है। प्राचार्य मामले की अपने स्तर से जांच करा रहे हैं।
कोटवा बनी लेबल वन हॉस्पिटल में भर्ती प्रतापगढ़ की कोरोना संक्रमित महिला की हालत बिगड़ने और प्रसव पूर्व की पीड़ा होने के कारण एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया था। कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव बिना ऑपरेशन संभव नहीं था। शिशु की धड़कन कम होने के कारण आनन फानन में स्त्री प्रसूति विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमृता चौरसिया ने ऑपरेशन से प्रसव कराने का निर्णय लिया था। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
महिला के ऑपरेशन के दौरान ड्यूटी पर तैनात नर्सें नहीं आईं। बताया गया कि दोनो नर्सें कोरोना संक्रमित का प्रसव कराने को किए जा रहे ऑपरेशन में शामिल नहीं हुईं। इसलिए ऑपरेशन के दौरान जूनियर डॉक्टर श्वेता और डॉ. समीक्षा ने नर्सों वाला काम भी किया। एसआरएन के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव को निलंबित कर ड्यूटी से हटा दिया गया है।