महेंद्र कुमार ने खुद के नाम पर, पत्नी के नाम पर और बेटी के नाम पर तकरीबन 25 लाख रुपये कंपनी की विभिन्न स्कीमों में लगा दिए। पैसे लगाने के बाद उन्हें अभी तक कंपनी की किसी भी स्कीम का कोई लाभ नहीं मिला। इस बीच कंपनी भी भाग गई।
शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम के खिलाफ दो और रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। आरपी रस्तोगी इंटर कॉलेज में अध्यापक महेंद्र कुमार गद्दोपुर में रहते हैं। 2017 में उन्हें एक सेमिनार के माध्यम से शाइन सिटी के बारे में पता चला था। सेमिनार में उन्हें विभिन्न प्रलोभन और तमाम स्कीमों के बारे में बताया गया।
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महेंद्र कुमार ने खुद के नाम पर, पत्नी के नाम पर और बेटी के नाम पर तकरीबन 25 लाख रुपये कंपनी की विभिन्न स्कीमों में लगा दिए। पैसे लगाने के बाद उन्हें अभी तक कंपनी की किसी भी स्कीम का कोई लाभ नहीं मिला। इस बीच कंपनी भी भाग गई। महेंद्र की तहरीर पर शाइन सिटी के सीएमडी और एमडी के खिलाफ 10 जून को सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
पिपराव कोरांव के रहने वाले अजय बहादुर सिंह ने भी 2017 में अपने और अपने चचेरे भाई के नाम पर कंपनी में करीब 22 लाख रुपये लगाए थे। उन्हें कंपनी की ओर से प्लॉट और गाड़ी देने का वादा किया गया था, लेकिन कुछ भी नहीं दिया गया। अजय की ओर से भी 10 जून को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।