दिवाली के दूसरे रोज परिवा पर आतिशबाजी से बवाल हो गया। लकड़मंडी में मां काली की पूजा के दौरान पटाखे फोडे जाने के दौरान प़ड़ोस में रहने वाली एक किशोरी झुलसी तो उसके परिजनों और आसपास के लोगों ने मारपीट और पथराव कर दिया। दो युवक जख्मी हो गए। महिलाओं ने कोतवाली का घेराव किया। दो समुदाय में टकराव की जानकारी पाकर पुलिस अधिकारी पहुंचे और स्थिति संभालकर दोनों तरफ के कई लोगों को हिरासत में लिया। उधर, मुट्ठीगंज में पटाखा फोड़ रहे युवक को पीटने पर पूर्व मंत्री के करीबियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
खुल्दाबाद की लकड़मंडी में सोमवार रात मां काली की पूजा में भीड़ जुटी थी। उत्साही युवक पटाखे भी फोड़ने लगे। आतिशबाजी से छिटकी चिंगारी पड़ोस में रहने वाले रफीक की 12 वर्षीय बेटी के हाथ पर गिरी जिससे वह झुलस गई। वह बालकनी में खड़ी थी। उसके परिजन और पड़ोसियों ने पूजा में जुटे लोगों पर हमला कर दिया। ऊपर से पथराव किया गया तो नीचे से युवकों ने भी ईंट-पत्थर चलाए। दो युवक अरविंद और बिल्ला जख्मी हो गए। दो गुटों में टकराव की सूचना पाकर सीओ रूपेश सिंह कई थानों की फोर्स के साथ पहुंच गए। दोनों तरफ के दस लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। उन्हें खुल्दाबाद थाने ले जाया गया। इस पर पूजा कर रहे लोगों की तरफ से दर्जनों महिलाओं ने रात दो बजे कोतवाली का घेराव कर दिया। पुलिस अफसरों ने पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर को बुलाया तो उन्होंने महिलाओं को समझाकर घर भेजा। थाने में दोनों तरफ के लोगों में सुलह करा दी गई।
उधर, मुट्ठीगंज में भोले गिरि मंदिर के पास रहने वाले सौरभ जायसवाल को सोमवार शाम पटाखा फोड़ते समय कुछ लोगों ने टोका और गालियां दी। सौरभ का आरोप है कि उसने ऐतराज किया तो उसकी पिटाई कर दी गई। वह चीखा तो परिजनों के साथ ही आसपास के लोग जुटे। मगर हमलावरों ने उस पर तमंचे से फायर कर दिया। उसने झुककर खुद को गोली से बचाया। फिर हमलावर धमकी देते भाग गए। पुलिस ने सौरभ जायसवाल की तहरीर पर सुमित त्रिपाठी, जीनू त्रिपाठी, टिंकू, विष्णु के खिलाफ कातिलाना हमले का केस लिखा। जांच अधिकारी रामराज ने बताया कि ये आरोपी हंडिया में खपटिहा के मूल निवासी हैं। बताया गया कि ये सभी एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार हैं।