रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ ( आरआरसी) कार्यालय में बुधवार को डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के दौरान दो ऐसे अभ्यर्थी पकड़े गए, जो ग्रुप डी की परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। दोनों ही अभ्यर्थियों को काफी देर तक आरआरसी कार्यालय में बैठाए रखा गया। इसके बाद दोनों ही अभ्यर्थी सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिए गए। हालांकि आरआरसी प्रशासन की ओर से अभी दोनों ही अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस को किसी भी तरह की लिखित शिकायत नहीं मिली है।
रेल भर्ती प्रकोष्ठ की ओर से ग्रुप डी की लिखित परीक्षा एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल हुए 17 अभ्यर्थियों को डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए आरआरसी कार्यालय बुलाया गया था। इस दौरान वहां दो ऐसे अभ्यर्थी आ गए, जो लिखित परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे।
उनसे आरआरसी चेयरमैन की मौजूदगी में पूछताछ की गई। शक के आधार पर वहां आरपीएफ को बुलाया गया। बाद में सुरक्षा की दृष्टि से सिविल लाइंस पुलिस को भी बुला लिया गया। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि पकड़े गए दोनों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है या नहीं। इस बारे में सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि आरआरसी प्रशासन को संदेह है कि दोनों ही अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे। उनके स्थान पर किन्हीं अन्य ने परीक्षा दी। जब डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन की बारी आई तो वह अभ्यर्थी सामने आए, जो लिखित परीक्षा में शामिल नहीं हुए। अभी दोनों ही अभ्यर्थी पुलिस को सौंपे गए हैं।