करछना के भीरपुर इलाके की रहने वाली महिला ब्रेस्ट कैंसर की मरीज थी। तीन दिन पहले वह टैगोर टाउन स्थित निजी अस्पताल में जांच कराने आई थी। उसी समय नमूना जांच के लिए निजी लैब में भेज दिया गया था। स्वाब सैंपल देने के आधे घंटे बाद ही महिला की मौत हो गई। परिजन उसका शव लेकर घर चले गए और गंगा के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया। उसका अंतिम संस्कार भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल के मुताबिक नहीं हुआ।
परिवार और आसपास के लोग संपर्क में रहे। रविवार को उसकी कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। उसके स्वास्थ्य विभाग ने संपर्क में आने वालों की सूची बनाकर 22 लोगों के नमूने लिए हैं। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि सभी की जांच कराई जाएगी।
उधर, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में नौ जुलाई पूरामुफ्ती का 55 वर्षीय अधेड़ भर्ती हुआ था। सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे पहले ऑक्सीजन पर रखा गया लेकिन राहत नहीं मिली तो वेंटिलेटर पर रख दिया गया। रविवार की देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अधेड़ के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। उसे सोमवार को जिला प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। जिला प्रशासन उसका अंतिम संस्कार कराएगा।