इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 24 साल पुराने हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा रद्द करते हुए दो दोषियों को बरी कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ, न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने धनुषधारी सिंह और यशवंत सिंह की याचिका पर दिया।
मामला बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 13 मार्च 2008 को बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा देने जा रहे वेद प्रकाश सिंह की बोलेरो से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि बाइक खरीदने के लिए दिए गए 25 हजार रुपये वापस मांगने को लेकर हुए विवाद की रंजिश में अंकुर सिंह उर्फ शेरू सिंह ने अपने साथियों धनुषधारी सिंह, यशवंत सिंह साथ मिलकर हत्या की।
ट्रायल कोर्ट ने अंकुर सिंह, धनुषधारी सिंह और यशवंत सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अपील लंबित रहने के दौरान अंकुर सिंह की मृत्यु हो गई। इससे उसके विरुद्ध अपील समाप्त हो गई। कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के ऊपर बोलेरो चढ़ाए जाने या टायर के निशान जैसी कोई चिकित्सीय पुष्टि नहीं मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और चिकित्सीय साक्ष्यों में गंभीर विरोधाभास पाए गए।