स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ तारकेश्वर सिंह और उनके दो चचेरे भाइयों की शनिवार रात जीटी रोड पर अंदावा के पास हुए हादसे में मौत हो गई। डिप्टी सीएमओं की दो बेटियां भी गंभीर रूप से घायल हुई है। वह एक हफ्ते पहले चंदौली में ब्याही अपनी बेटी को विदाकर कराकर लौट रहे ते तभी देर अंदावा रेलवे ओवरब्रिज के पास बेकाबू ट्रक ने कार में टक्कर में मार दी। कार अनियंत्रित होकर सड़क से 20 फीट नीचे जा गिरी। खतरा भांप कर ड्राइवर कार से कूद गया। वह साफ बच गया। दूसरी कार में आ रहे दामाद ने पुलिस और परिजनों को खबर दी।
गाजीपुर में कासिमाबाद क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी डॉ.तारकेश्वर सिंह (56) स्वास्थ्य विभाग में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी थे। इन दिनों उनकी तैनाती बेली अस्पताल परिसर स्थित सीएमओ कार्यालय में थी। वह परिवार सहित क्लाइव रोड स्थित श्याम पुष्प कुंज रेसीडेंसी में रहते थे। उनकी दो बेटियां अवंतिका (29) और गरिमा (22) हैं। अवंतिका बीडीएस कर चुकी है जबकि गरिमा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमएससी कर रही है। आठ फरवरी को अवंतिका का ब्याह सिविल लाइंस में एल्गिन रोड पर रहने वाले हाईकोर्ट के वकील आशीष के साथ हुआ। आशीष मूल रूप से चंदौली में सकलडीहा के रहने वाले हैं। शादी के बाद अवंतिका चंदौली स्थित ससुराल में थी। शनिवार को डॉ.तारकेश्वर सिंह छोटी बेटी गरिमा सिंह, चचेरे भाई रणधीर सिंह (65) और विजय बहादुर सिंह(55) के साथ महिंद्रा क्वांटो कार से चौथ लेकर बेटी की ससुराल चंदौली गए थे। कार में जेठवारा (प्रतापगढ़) के सरायनाहर का मनीष यादव ड्राइवर था।
अवंतिका को विदा कराकर रात नौ बजे डॉ.तारकेश्वर कार से इलाहाबाद को रवाना हुए। पीछे दूसरी कार में उनके दामाद आशीष भी इलाहाबाद आ रहे थे। सैदाबाद इलाके में आशीष की कार आगे निकल गई। वह झूंसी से भी आगे गए तो पीछे से अपने ससुर डॉ.तारकेश्वर की गाड़ी नहीं आता देख रुक गए। काफी देर हो गया तो चिंतित होकर आशीष ने कार मोड़ दी। अंदावा रेलवे ओवरब्रिज के पास उन्हें महिंद्रा क्वांटो का ड्राइवर मनीष सड़क पर रोते खडा दिखा। उसने बताया कि पीछे से ट्रक की टक्कर लगने के बाद महिंद्रा क्वांटो गाड़ी उसके नियंत्रण से बाहर हो गई। वह तो गेट खोलकर कूद गया लेकिन गाड़ी सड़क से 20 फुट नीचे जा गिरी। वहां अंधेरा था।
इसी बीच खबर पाकर झूंसी थाने की पुलिस आ गई। गाडी में डॉ.तारकेश्वर सिंह, उनके चचेरे भाई रणधीर, विजय बहादुर, बेटियां गरिमा और अवंतिका खून से लथपथ पड़ी थीं। गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी। गैस कटर लाकर दरवाजा काटने के बाद उसमें से डॉ.तारकेश्वर समेत सभी पांच लोगों को निकालकर एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। मगर डॉक्टरों ने डॉ.तारकेश्वर, रणधीर सिंह, विजय बहादुर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल अवंतिका और गरिमा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। झूंसी पुलिस ने गाड़ी चालक मनीष को हिरासत में लिया है। सेना से रिटायर रणधीर सिंह राजरूपपुर में रहते थे जबकि उनसे छोटे विजय बहादुर सिंह पीडब्ल्यूडी में इंजीनियर थे। उनका परिवार लखनऊ के रूचि खंड शारदानगर में रहता है। हादसे की खबर से डॉक्टर के परिवार में कोहराम मचा हुआ। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव राजरूपपुर में शिवाजी मार्ग स्थित रणधीर के घर ले जाया गया।