सीरम इंस्टीट्यूट के प्लांट में लगी आग
- फोटो : social media
कोरोना रोधी टीका बनाने वाले संस्थान सीरम इंस्टीट्यूट में बृहस्पतिवार को लगी आग से मरने वालों में दो मजदूर पट्टी इलाके के भी शामिल हैं। एक युवक कोतवाली क्षेत्र के बरहुपुर, जबकि दूसरा आसपुर देवसरा के दलापुर गांव का रहने वाला था।
बरहुपुर गांव निवासी विपिन कुमार सरोज (22) तथा विनय कुमार (20) पुत्र लालबहादुर को महदहा गांव का एक ठेकेदार मजदूरी करने के लिए पुणे ले गया था। दोनों भाई पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में मजदूरी करते थे। बृहस्पतिवार को परिसर में लगी आग में दोनों भाई फंस गए थे। इसमें किसी तरह विनय को बाहर निकाल लिया गया।
जबकि विपिन को बचाने के चक्कर में आसपुर देवसरा के दलापुर गांव निवासी रमाशंकर पुत्र छोटेलाल खुद भी आग में फंस गया और दोनों की मौत हो गई। दलापुर गांव निवासी रमाशंकर (21) पुत्र छोटेलाल परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में लेबर के तौर पर काम करता था। रमाशंकर की मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मचा है। वह पिछले वर्ष मार्च के महीने में पुणे गया था। उधर, घटना की जानकारी रात में मिलने के बाद शुक्रवार सुबह विपिन के पिता लालबहादुर पुणे के लिए रवाना हो गए।