प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र में ढाई साल की मासूम बच्ची की हत्या व षडयंत्र के आरोपी मेहंदी हसन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि आरोप अत्यंत गंभीर हैं। ऐसे जघन्य कृत्य के आरोपी को जमानत पर छोड़े जाने का कोई आधार नहीं है। जमानत अर्जी पर यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने दिया है।
30 मई 2019 को शिकायतकर्ता बनवारीलाल की ढाई साल की बेटी घर से लापता हो गई थी। उसका शव दो जून को बरामद हुआ हुआ। पुलिस विवेचना के दौरान चार लोगों के इस जघन्य कांड में संलिप्तता पाई गई। जाहिद, असलम, सबुस्ता व मेहदी हसन पर हत्या व षडयंत्र का आरोप पत्र दाखिल हुआ। जाहिद ने मृतका के पिता से लोन लिया था। वापस मांगने के कारण बच्ची की हत्या कर दी। लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु से पूर्व शरीर के विभिन्न अंगों में गंभीर चोटें पाई गई। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। अधिवक्ता अभिषेक सिंह चौहान ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने जमानत का आधार न पाते हुए अर्जी खारिज कर दी है।