जिला अदालत ने नाबालिग से अप्राकृतिक दुष्कर्म और हत्या के दो आरोपियों को मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषियों को 10 साल के कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/अपर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अंजू कनौजिया की अदालत ने सुनाया है।
मामला प्रयागराज के उतरांव थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के मुताबिक छह अक्टूबर 2017 की रात लगभग साढ़े दस बजे, बलरामपुर में रामलीला देख रहे एक 12 वर्षीय लड़के को टाॅयलेट करने के दौरान दो लोगों ने अगवा कर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़ित ने मां से पेट दर्द की शिकायत की। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां रक्तस्राव देखकर डॉक्टर ने कुछ गलत होने की आशंका जताई और सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। पीड़ित के पिता ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर सात अक्टूबर 2017 को मुकदमा दर्ज हुआ। मृत्य पूर्व बयान के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विवेचना के बाद, प्रवीण कुमार और अरविंद उर्फ शिवम के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल हुआ। ट्रायल के दाैरान नौ गवाहों के बयान ने अभियोजन की कहानी को सिद्ध किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।