ट्राई के नए नियम तथा केबल ऑपरेटर्स की मनमानी से टीवी के दर्शकों की परेशानी बढ़ गई है। इससे टीवी देखना तो महंगा हो ही गया है, ऑपरेटर्स ने फ्री चैनल भी बंद कर दिए हैं। तीन महीने का समय मिलने के बाद भी ग्राहकों को राहत नहीं है। ट्राई के नए नियम के तहत जिसके लिए आवेदन करेेंगे उपभोक्ता वही चैनल देख पाएंगे। अफसरों का दावा है कि इसमें ऑपरेटर्स की मनमानी नहीं चलेगी लेकिन हो उल्टा रहा है। चैनल के चयन के लिए उपभोक्ताओं से फार्म भरवाए जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं के दबाव के बाद इसकी अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद लोगों के टीवी डिब्बा बन गए हैं। शहर के बड़े हिस्से में ऑपरेटर फ्री चैनल भी नहीं दिखा रहे हैं। कटरा के मारुति, मम्फोर्डगंज के प्रकाश का कहना है कि उन्होंने 15 दिन पहले फार्म जमा करने के साथ पैसा भी दे दिया लेकिन, सभी चैनल शुरू नहीं हुए। जिन चैनल्स की शिकायत की गई वे चालू होते गए। इस तरह की शिकायत शहर के ज्यादातर हिस्सा में है।
ट्राई के नए नियमाें की वजह से केबल देखना डेढ़गुना से भी अधिक महंगा गया है। पहले 150 से 250 रुपये में चैनल देख लेते थे लेकिन अब उन्हीं चैनलाें को देखने के लिए 307 से 364 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। कई ऑपरेटर ने सेवा प्रदाता कंपनी भी बदल दी है। ऐसे में अब वे ग्राहकों से नया सेट टॉप बॉक्स लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके लिए वे 750 से 2100 रुपये तक ले रहे हैं। आजाद नगर, साउथ मलाका, बाई का बाग, कीडगंज, बहादुरगंज, सम्मेलन मार्ग, कोठापार्चा आदि मोहल्लों में पहले हैथ्वे का केबल था लेकिन अब स्काई नेट का कनेक्शन कर दिया गया है।