नई दिल्ली से इलाहाबाद आ रही दुरंतो एक्सप्रेस में उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) की विजलेंस टीम ने शनिवार को छापामारी की कार्रवाई की। इस दौरान विजलेंस टीम ने ट्रेन में एक सीआईटी (चीफ इंसपेक्टर ऑफ टिकट ) और एक डिप्टी सीआईटी को ज्यादा कैश के साथ पकड़ा। ट्रेन में यात्रियों की शिकायत पर एक अन्य सीआईटी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। जांच में सहयोग न देने और यात्रियों द्वारा पैसे लेने के बाद उन्हें रसीद न देने की शिकायत पर डीआरएम ने आलोक श्रीवास्तव नाम के सीआईटी को सस्पेंड कर दिया।
विजलेंस की टीम शनिवार को दुरंतो एक्सप्रेस में जांच के लिए चढ़ी। जांच में कैश मिलान के दौरान सीआईटी सीके निगम और डिप्टी सीआईटी एसएल बिंद के पास क्रमश: 2570 और 500 रुपये ज्यादा मिले। एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने बताया कि ट्रेन के बी-2 कोच में सीआईटी आलोक श्रीवास्तव से जब कैश मिलान के लिए कहा गया तो उसने सहयोग नहीं किया। इस दौरान ट्रेन में सवार तीन यात्रियों ने विजलेंस को लिखित में दिया तो संबंधित सीआईटी द्वारा उनसे 1500, 2000 और 2000 की रकम सीट देने की एवज में ली गई, लेकिन उन्हें रसीद नहीं दी गई।
इलाहाबाद पहुंचने पर विजलेंस ने इलाहाबाद मंडल के वाणिज्य विभाग को इसकी सूचना दी। शिकायत मिलने पर डीआरएम एसके पंकज ने सीआईटी आलोक श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। बाकी दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश उन्होंने दिए। एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल के बताया कि भ्रष्टाचार के समूल उन्मूलन हेतु एनसीआर कृत संकल्प है। ये सतर्कता जांच इसी दिशा में एक और सराहनीय कदम है।