संगम तट पर बहने लगी भक्ति, आस्था और श्रद्धा की त्रिवेणी
मेले में लगे साधु-संतों के शिविरों में रामकथा, रासलीला, हवन पूजन और भंडारों का हो रहा आयोजन
प्रयागराज। संगम तट पर भक्ति, आस्था और श्रद्धा की त्रिवेणी बहने लगी है। मेला में लगे साधु संतों के शिविरों में श्रीराम कथा, श्रीकृष्ण कथा, रासलीला के साथ ही जगह-श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह शिविरों में हवन और बालभोग कराया गया।
महंत नृत्य गोपाल दास के शिविर में सुबह रामकथा, शाम को कृष्ण कथा
सेक्टर एक महावीर मार्ग स्थित महंत नृत्य गोपालदास के शिविर में महंत राज रामगोपाल दास द्वारा सुबह श्रीराम कथा और शाम को श्रीकृष्ण कथा सुनाई जा रही है। सुबह के समय बालभोग के साथ आठ से 10 बजे तक महंत राज राम गोपालदास ने माघ महातम कथा हो रही है। इसके बाद शिविर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महंत राज रामगोपाल दास ने बताया कि प्रतिदिन बालभोग, भंडारा, कथा और भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह स्वामी शारदानंद सरस्वती के शिविर में भागवत कथा सुनने के लिए कल्पवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां रासलीला का भी मंचन किया गया।
सतुआ बाबा के शिविर में रासलीला, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम
प्रयागराज। सेक्टर तीन महावीर मार्ग स्थित खाक चौक के महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा सेवा शिविर में सुबह सात बजे साधु संतों के साथ श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति दी। वैदिक मंत्रोचार के बीच विश्व शांति की कामना की गई। शाम को वृंदावन से आए कलाकारों ने श्रीकृष्ण रासलीला का मंचन किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देखकर श्रद्धालु झूम उठे। यहां पर जन्मोत्सव की आकर्षक झांकी सजाई गई। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा गया। शिविर व्यवस्थापक महंत सुनील शर्मा ने बताया कि रोजाना सुबह हवन और शाम को श्रीकृष्ण लीला होगी।
रामकथा सुन श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया
सेक्टर तीन महावीर मार्ग स्थित मोरपंखी मोरध्वज शिविर में सुबह बाल भोग के साथ ही दोपहर तीन बजे से रामकथा का आयोजन किया गया। महंत बृजभूषण दास ने श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा सुनाई। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। महंत बृजभूषण दास ने बताया कि सुबह पूजा-पाठ और हवन के बाद बाल भोग किया गया।
भंडारे में उमड़े हजारों श्रद्धालु
सेक्टर तीन महावीर मार्ग पर स्थित खाक चौक पर महामंडलेश्वर प्रेमदास महाराज के शिविर में रामकथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को शिविर में श्रद्धालुओं ने कथा सुनी।