ट्रिब्यूनल ने कहा था कि बेदखल करने की शक्ति उसके पास नहीं
ट्रिब्यूनल ने 13 जनवरी 2026 को याची की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस को आदेश तो दिया पर बेटे-बहू को मकान से बेदखल करने से इन्कार कर दिया था। कहा था कि उसके पास यह शक्ति नहीं है। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के इस दृष्टिकोण को सही नहीं माना। कहा कि ट्रिब्यूनल को वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक होने पर बेदखली का आदेश देने की शक्ति है।
हालांकि, बेदखली तभी की जा सकती है, जब यह साबित हो कि वरिष्ठ नागरिक के जीवन और अंगों की सुरक्षा के लिए ऐसा करना आवश्यक और उचित है। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल को मामले की दोबारा सुनवाई करने का आदेश दिया। वहीं, बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामला लंबित होने के कारण हाईकोर्ट ने कहा कि उस मामले के परिणाम की प्रतीक्षा की जाए।