इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमरोहा के चर्चित हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह डीएनए रिपोर्ट प्रस्तुत कराने संबंधी अर्जी पर पहले निर्णय करे। इसके बाद ही मुकदमे की आगे की कार्यवाही बढ़ाए। यह आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की एकल पीठ ने दिया है। मामला 2015 में गजरौला थाने में दर्ज हत्या, आपराधिक षडयंत्र और साक्ष्य मिटाने के आरोपों से जुड़ा है। अभियुक्त इफ्तेखार खान का कहना है कि उसे झूठा फंसाया गया है। मृतक की पहचान से संबंधित डीएनए जांच रिपोर्ट अब तक अदालत में पेश नहीं की गई। इस संबंध में उसने अर्जी दाखिल की थी, जिसे ट्रायल कोर्ट ने बचाव पक्ष के साक्ष्य चरण तक टाल दिया था। इसे उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी।