विधानसभा चुनाव के तहत 11 मार्च को होने वाली मतगणना की तैयारियों को प्रशासन अंतिम रूप देने में जुटा है। मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी और एक घंटे बाद सुबह नौ बजे के आसपास रुझान मिलने लगेंगे। मतगणना के दौरान सबकुछ व्यवस्थित रहे, इसके लिए निर्वाचन प्रेक्षकों ने बृहस्पतिवार शाम सर्किट हाउस में प्रशासन एवं पुलिस के अफसरों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सुबह आठ बजे पोस्टल बैलेट के वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। प्रत्येक वोट की गिनती के लिए दो लिफाफे खोले जाएंगे। एक लिफाफे में फार्म 13-क होगा। इसमें मतदाता की घोषणा शामिल होगी, जिस पर उसके हस्ताक्षर होंगे और सक्षक अधिकारी की ओर से उसे सत्यापित किया गया होगा। अगर इसमें कोई कमी नहीं है तो दूसरा लिफाफा खोला जाएगा, जिसमें फार्म 13-ख के रूप में मतपत्र होगा। आधे घंटे बाद 8.30 बजे के आसपास ईवीएम में पड़े वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी। सबसे पहले बूथ एक से 14 तक की ईवीएम निकाली जाएंगी। उनकी गिनती पूरी होने के बाद अगले 14 बूथों की गिनती शुरू होगी। ऐसे में सुबह नौ बजे से ही रुझान मिलने लगेंगे।
वोटों की गिनती पर पैनी नजर रखने के लिए प्रत्याशियों ने अपने तेज-तर्रार मतगणना एजेंट्स को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रत्येक राउंड की गणना को एजेंट अपनी डायरी में नोट करेंगे और ईवीएम में दर्शाए जा रहे कुल पड़े मतों से इसका मिलान करेंगे। अगर एजेंट को आशंका है कि गिनती में कोई गड़बड़ी हुई है तो वह सीधे आरओ के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराएगा। एजेंट को सुबह सात बजे से पहले मतगणना पंडाल में पहुंचना है। मतगणना स्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा, बिजली व्यवस्था समेत और क्या इंतजाम किए गए हैं, यह जानने के लिए प्रेक्षकों ने सर्किट हाउस में अफसरों के साथ बैठक की। डीएम संजय कुमार और एसएसपी शलभ माथुर ने प्रेक्षकों को इस बाबत पूरी जानकारी दी।
इस बार मतगणना पंडाल में लोगों पर निगरानी के लिए विधानसभावार नोडल अफसरों की नियुक्ति की जाएगी। ये नोडल अफसर मतगणना स्थल पर मौजूद लोगों पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही इमरजेंसी की स्थिति में चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मतगणना स्थल के अंदर डॉक्टरों की टीम के साथ दो एंबुलेंस मौजूद रहेगी और मतगणना स्थल के दो प्रवेश द्वार पर भी एक-एक एंबुलेंस रहेगी। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि मौके पर सभी जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर लें।