हाईकोर्ट पानी की टंकी से खुसरोबाग लीडर रोड को जोड़ने वाला पुराना रेलवे ओवर ब्रिज शुक्रवार से हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। पूरी तरह से जर्जर हो चुके 100 साल से ज्यादा पुराने इस पुल को तोड़कर दूसरे पुल का निर्माण कराया जाएगा।
हाईकोर्ट पानी की टंकी से खुसरोबाग लीडर रोड को जोड़ने वाला पुराना रेलवे ओवर ब्रिज शुक्रवार से हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। पूरी तरह से जर्जर हो चुके 100 साल से ज्यादा पुराने इस पुल को तोड़कर दूसरे पुल का निर्माण कराया जाएगा। नए पुल की स्वीकृति भी मिल गई है जिसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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दिल्ली-हावड़ा रूट पर प्रयागराज जंक्शन के पास बना यह सौ साल से पुराना यह आरओबी शहर के लूकरगंज, हिम्मतगंज, चकिया, खुल्दाबाद, अटाला, प्रयागराज जंक्शन, लीडर रोड, जानसेनगंज, विवेकानंद मार्ग, रामबाग, कालिंदीपुर, सूबेदारगंज, धूमनगंज, राजरूपपुर, बेनीगंज, रोशनबाग, ट्रिपलआईटी आदि इलाकों को जोड़ता है। पुल को तोड़ने के लिए एनसीआर रेलवे और जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई है।
पुल का निर्माण राजकीय सेतु निर्माण निगम की ओर से कराया जाएगा। रेलवे ट्रैक के ऊपर के हिस्से का कार्य रेलवे की ओर से कराया जाएगा। शुक्रवार से पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यहां तक की पैदल जाने वालों को भी पुल से जाने की अनुमति नहीं है। जल्द ही पुल के ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम और रेलवे मिलकर इस पुल का निर्माण कराएंगे।