नैनी(ब्यूरो)। फर्जी ट्रैफिक इंस्पेक्टर बताकर रोडवेज बस में यात्रा कर रहे एक कपड़ा व्यापारी को बुधवार को दोपहर यातायात सचल दस्ते ने चेकिंग के दौरान धर दबोचा। औद्योगिक क्षेत्र थाने में काफी देर पूछताछ के बाद कपड़ा व्यापारी के खिलाफ अधिकारियों ने तहरीर दे दी और यात्रियों से भरी बस को छोड़ दिया।
पनकी कानपुर के रहने वाला कपड़ा व्यापारी प्रेमशंकर दुबे पैसों का कलेक्शन करने गया हुआ था। सीधी से इलाहाबाद आ रही रोडवेज बस को उसने भीरपुर चौराहे के पास रुकवाया और इलाहाबाद आने के लिए बैठ गया। कुछ दूर का सफर तय करने के बाद भी उसने टिकट नहीं लिया। कंडक्टर से उसने अपने आप को गोरखपुर में तैनात यातायात निरीक्षक बताया। जैसे ही बस औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंची बसों की जांच कर रहे यातायात विभाग के सचल दस्ते ने बस रुकवा ली। जांच टीम को देख बस के अंदर बैठा फर्जी इंस्पेक्टर सकपका गया।
टीम में शामिल चेकिंग दल मुख्यालय लखनऊ के यातायात निरीक्षक राजेंद्र कन्नौजिया और सहायक यातायात निरीक्षक राजेश सिंह सिगरौर ने जैसे ही फर्जी दरोगा से पूछताछ की उसकी बोलती बंद हो गई। अधिकारियों ने उससे पूछताछ की तो उसकी पोल खुुल गई। टीम ने यात्रियों से भरी बस और फर्जी दरोगा को औद्योगिक पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद पुलिस ने उससे काफी देर तक पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि मैं टिकट लेना भूल गया था और बचने के लिए ऐसा कहा। अधिकारियों ने उसके खिलाफ तहरीर देकर बस को रवाना कर दिया।