डिजिटल क्रांति का वाहक बनी यूपीआई को अब व्यापारियों ने प्रतीकात्मक रूप से मृत घोषित कर पोस्टर जारी किया है। 0.47 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय उद्योग व्यापार महामंडल (प्रयागराज व्यापार मंडल) के पदाधिकारियों ने यूपीआई की अंतिम यात्रा निकालकर श्रद्धांजलि दी।
व्यापार मंडल की ओर से जारी शोक पोस्टर में यूपीआई को माला पहनाकर श्रद्धांजलि दी गई। जिलाध्यक्ष सुशांत कुमार केसरवानी ने कहा कि यूपीआई ने देश के कोने-कोने में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया। अब इस पर शुल्क लगाने का फैसला छोटे कारोबारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।
चेयरमैन मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे समय में एमडीआर लगाने की बात से व्यापारी वर्ग में असंतोष पैदा होना स्वाभाविक है। युवा जिलाध्यक्ष प्रियंक कुमार गुप्ता और नगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने कहा कि जब देश को डिजिटल लेनदेन की ओर ले जाया गया, तब व्यापारियों ने इसे पूरी तरह अपनाया। अब शुल्क लगाने की कवायद से व्यापारियों में आक्रोश है।
व्यापार मंडल ने कहा कि यदि 0.47 प्रतिशत एमडीआर का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो जिले में आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन ने जरूरत पड़ने पर व्यापारिक गतिविधियां ठप कर विरोध दर्ज कराने की चेतावनी भी दी।
प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दीपक गुप्ता, प्रशांत पांडेय, धीरज केसरवानी, रोहित गुप्ता, इंजीनियर विवेक गुप्ता, राजीव तिवारी, जय प्रकाश नारायण केसरवानी आदि रहे।
यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठन आंदोलित, प्रदर्शन आज
यूपीआई लेन-देन पर 15 अक्तूबर से लगने वाले शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठन आंदोलित हैं। व्यापारी एकता समिति ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता ने शोषण बंद करने का आह्वान किया। प्रदेश महामंत्री प्रमिल केसरवानी ने महंगाई बढ़ने की आशंका जताई। 22 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा।