हजरत इमाम हुसैन के चेहल्लुम के मौके पर मंगलवार को कस्बे में दुलदुल, ताबूत और ताज़िया के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस से पहले हवेली स्थित इमामबाड़े में आयोजित मजलिस में अकीदतमंद शामिल हुए। ईरान से आए मौलाना अम्मार जैदी ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी और इन्सानियत का पैगाम दिया।
इस्माइलगंज में अंजुमन-ए-अब्बासिया के ईशान जैदी, जमन फूलपुरी, शाहरुख, नावेद, अरशान, उमर और नवाज़ ने दर्दभरे नौहे पेश किए। नौहाख्वानी के दौरान अज़ादारों ने सीनाज़नी कर इमाम हुसैन को ख़िराज-ए-अकीदत पेश की।
संचालन मोतवल्ली ब्लॉगत हुसैन उर्फ बल्लन की देखरेख में हुई। इस मौके पर बदरुल हसन जैदी, हैदर अब्बास, रिज़वान जैदी, असद मेहदी, शमसुल हसन, अब्दुल सत्तार, मोहम्मद कामिल और मोहम्मद अकरम आदि रहे।
अकीदत में मनाया शहीदान-ए-कर्बला का चेहल्लुम
आनापुर। क्षेत्र के कोराली, पन्नूपुर, नसीरपुर और हर्रैया बाग समेत कई गांवों में शहीदान-ए-कर्बला का चेहल्लुम अकीदत में मनाया गया। इस दौरान अजादारों ने नौहाख्वानी, मर्सियाख्वानी और सीनाजनी कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। देर शाम सभी ताजिए कर्बला पहुंचे, जहां उसपर चढ़ाए गए अकीदत के फूलों को दफन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान इमाम हुसैन और उनके 72 निहत्थे साथियों की शहादत और उनकी लासानी कुर्बानी को याद कर अजादारों की आंखें नम थीं। मंगलवार की दोपहर कई गांवों की इमाम चैकियों से ताजिए उठाए गए। इस दाैरान अली हैदर, नकी हैदर, खुर्शीद आलम, नियाज आदि माैजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय चौकी प्रभारी आनापुर आकाश सचान पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।