मेला के सेक्टर दो स्थित केंद्रीय चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड में पहली बार एआई बेस्ड संवाद एप का इस्तेमाल कर एक महिला को छावनी सामान्य अस्पताल रेफर किया गया। परिजन गुजराती भाषा में मरीज के शरीर के बाएं हिस्से को लकवाग्रस्त होने की बात बता रहे थी। संवाद एप के जरिये डॉक्टर उसे हिंदी में समझ रहे थे। समस्या गंभीर दिखने पर गुजराती महिला को रेफर कर दिया गया।
गुजरात के भावानगर से 40 श्रद्धालुओं का दल करीब 10 दिन पहले महाकुंभ नगर के मुक्ति मार्ग पर स्थित गरीब राम बाबू के शिविर में सेवा करने पहुंचा था। शुक्रवार की सुबह दल की कामो बेन (65) पत्नी मोहन भाई की तबीयत बिगड़ने लगी। इस दौरान उनके शरीर के बाएं हिस्से ने काम करना बंद दिया था। तत्काल उन्हें सेक्टर दो के केंद्रीय अस्पताल में पहुंचाया गया।
यहां मौजूद डॉक्टरों और नर्सों को परिजनों ने गुजराती में महिला की तकलीफ बताई। डॉक्टरों को गुजराती समझ में नहीं आ रही थी। इसी दौरान नर्स शिष्या ने छावनी अस्पताल की ओर से तैयार किए गए संवाद एप का प्रयोग किया। परिजनों को माइक से बोलने के लिए कहा। इसके बाद वह गुजराती में महिला की बीमारी बता रहे थे और जो मोबाइल की स्क्रीन पर हिंदी में परिवर्तित होकर आ रही थी। बीमारी समझने के बाद डॉक्टरों ने सीनियर डॉक्टर को इसकी जानकारी दी। उन्होंने महिला को तुरंत सदर बाजार स्थित छावनी सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया।
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इस एप की वजह से मरीज और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है। एक-दूसरे की भाषा को आसानी समझा जाता है और मरीज का बेहतर इलाज किया जाता है। डॉ. मनोज कौशिक, प्रमुख अधीक्षक, केंद्रीय चिकित्सालय