दिशाओं के हिसाब से दीपकों की स्थापना से दूर होते हैं वास्तु दोष
डॉ. अमिताभ के मुताबिक दिवाली की रात घरों की विभिन्न दिशाओं में दीपकों की स्थापना से वास्तु दोष दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विधान के अनुसार ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थल पर घी का मुख्य दीपक या अखंड दीप जला कर किया जाएगा।
अग्नि कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में माता अन्नपूर्णा और अग्नि देव के निमित्त सरसों के तेल का दीपक जलेगा। उत्तर दिशा यानी कुबेर स्थान पर धन-संपदा की कामना से घी का दीपक रखा जाएगा जबकि घर के मुख्य द्वार के दोनों कोनों पर सरसों या तिल के तेल के दो बड़े दीपक जलाकर पूरी रात रोशन की जाएगी।