राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत और सर कार्यवाह भैयाजी जोशी शनिवार रात प्रयागराज पहुंच जाएंगे। आरएसएस के दोनों नेता सोमवार तक यहां रहेंगे और दो दिनी बैठक को संबोधित करेंगे। बैठक में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की उम्मीद है।
आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल पूर्वी क्षेत्र की बैठक 22 और 23 नवंबर को गौहनिया स्थित कालेज में प्रस्तावित है। इसमें संघ के दोनों शीर्ष नेता शामिल होंगे। इसके लिए दोनों नेता शनिवार रात में ही यहां पहुंच जाएंगे। सर संघ चालक का प्रोटोकाल भी आ गया है। वह तीनों दिन कार्यक्रम स्थल पर ही प्रवास करेंगे। बैठक में रविवार को मुख्यमंत्री के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी उनका प्रोटोकाल नहीं आया है लेकिन उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री यहां माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा भी कर सकते हैं।
संघ की बैठक : आनुशांगिक संगठनों संग अलग-अलग भी होगी वार्ता
सर संघचालक और सर कार्यवाह की अगुवाई में रविवार से होने वाली आरएसएस की दो दिनी बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। व्यवस्था में 40 कार्यकर्ताओं की शुक्रवार को कोविड-19 संक्रमण की जांच कराई गई। अफसरों ने सुरक्षा का भी जायजा लिया। इस बैठक में राम मंदिर निर्माण, लव जिहाद, आगामी पंचायत एवं विधानसभा चुनाव समेत कई बिंदुओं पर चर्चा होगी। इसलिए इस बैठक पर पूरे देश की नजर है। हालांकि संघ की ओर से इस बैठक को लेकर पूरी गोपनीयता बरती जा रही है तथा व्यवस्था से जुड़े लोग कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं।
बैठक की तैयारियों के मद्देनजर क्षेत्र एवं स्थानीय पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता गौहनिया स्थित कालेज में दिन भर डटे रहे। उन्होंने संघ की बैठक के प्रोटोकाल के तहत सभी तैयारियों का जायजा लिया। सर संघचालक और सर कार्यवाह शनिवार की रात में पहुंच जाएंगे। अन्य पदाधिकारियों के भी शनिवार को पहुंचने की उम्मीद है। सभी लोगों के सीधे बैठक स्थल पर पहुंचने की बात कही जा रही है। इसे देखते हुए उनके ठहरने आदि की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार रविवार को पहले कोर कमेटी की बैठक में एजेंडा तय होगा।
इसमें 40 लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। इसके बाद सभी संगठनों के साथ संयुक्त बैठक होगी। अगले दिन सोमवार को सभी आनुशांगिक संगठनों के साथ बैठक होगी। इसमें शामिल संगठन पदाधिकारियों से उनके कार्यों की अलग-अलग समीक्षा होगी। साथ ही आगे के कार्यक्रमों की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद फिर से संयुक्त बैठक होगी। आखिरी में कोर कमेटी की बैठक संभावित है। इन बैठकों में कई बिंदुओं पर प्रस्ताव पारित करने के साथ उसके अनुसार कार्यक्रमों को गति देने पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री के सामने उठ सकता है जहरीली शराब से मौत का मामला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी आरएसएस की बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। इसमें शामिल होने के लिए वह प्रयागराज आते हैं तो फूलपुर में जहरीली से शराब से मौत का मामला भी उठ सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना से जिम्मेदार अफसरों की चिंता बढ़ गई है।