प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसानों की हर संभव मदद करने की सलाह दी है। किसानों की मदद के नाम पर हो रही राजनीति पर काफी आहत दिखे राज्यपाल ने कहा, किसान बहुत पीड़ा में हैं। नुकसान का सर्वे होना चाहिए और उसके अनुसार ही मदद की जानी चाहिए। आपदा का दंश झेल रहे किसानों को मिल रही सरकारी मदद नाकाफी है। दलगत भावना से ऊपर उठकर किसानों की मदद करने की जरूरत है। फिलहाल उन्हें जो मदद मिल रही है, वह संतोषजनक नहीं है।
शनिवार को विज्ञान परिषद के समारोह में शिरकत करने आए राज्यपाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। कहा, पीसीएस पेपर लीक और डॉ.रोहित गुप्ता पर हमला जैसी घटनाएं साबित करती हैं कि प्रदेश की कानून व्यवस्था चिंताजनक है। वह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज पर भी काफी आहत दिखे। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि छात्रों के साथ ठीक नहीं हो रहा। उनमें आक्रोश है। वे आंदोलनरत हैं। उनकी मांग पर सरकार को तुरंत कोई निर्णय लेना चाहिए। वहीं आजम खां के उपहार बांटने के सवाल पर उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि आजम प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री हैं और मैंने उनके बारे में कुछ नहीं बोलने का संकल्प ले रखा है।
लोकसेवा आयोग अध्यक्ष को हटाने, सीबीआई जांच, जेल में बंद छात्रों को रिहा करने, आंदोलनकारियों पर से सभी मुकदमे वापस लेने समेत विभिन्न मांग को लेकर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि मुझे घटना की पूरी जानकारी है, इस बारे में आवश्यक कदम उठाया जाएगा।