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शादीशुदा युवती से मिलने गए  रेलकर्मी की पीट-पीटकर हत्या

Sun, 28 Apr 2019 12:50 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलकर्मी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वह 13 अप्रैल को शादीशुदा प्रेमिका से मिलने चाकघाट उसके मायके गया था। मायकेवालों ने उसे बंधक बना लिया। फिर प्रेमिका के पति को भी बुलाकर उसे इतना पीटा कि वह मर गया। शव को टोंस नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने शनिवार को प्रेमिका, उसके पति, पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने जुर्म कुबूल कर लिया है। चाकघाट में दिन भर शव की तलाश होती रही। 

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अमेठी का रहने वाला अमित शुक्ला रेलकर्मी था। वह शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन पर तैनात था। 13 अप्रैल को उसने अपने साथी से उसकी पल्सर बाइक मांगी। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चला। तीन दिन बाद साथी ने अमित की मां को फोन कर बताया कि वह उसकी गाड़ी लेकर गया है, अभी तक वापस नहीं आया। मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मोबाइल काल डीटेल्स से काफी जानकारी मिल गई।

इसके बाद एसपी यमुनापार दीपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम ने छापा मारकर चाकघाट के पन्ना लाल, उसके बेटे अमन सिंह और बेटी अर्चना सिंह तथा अर्चना के पति शंकरगढ़ के गढ़ पहाड़ी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने स्वीकार कर लिया कि अमित की उन लोगों ने मिलकर 13 अप्रैल को ही हत्या कर दी थी। पुलिस ने पल्सर बाइक भी बरामद कर दी। आरोपियों ने बताया कि अमित के शव को पतौरा गांव के पास टोंस नदी में फेंक दिया गया।
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शंकरगढ़ एसओ भुवनेश चौबे के नेतृत्व में टीम शनिवार को दिन भर शव की तलाश की, लेकिन मिला नहीं। पुलिस को आशंका है कि ज्यादा दिन हो जाने के कारण शव बहकर आगे निकल गया है। एसपी यमुनापार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि शंकरगढ़ में स्टेशन के पास ज्ञानेंद्र सिंह की डेरी थी। अमित उसके यहां दूध लेता था। इसी दौरान ज्ञानेंद्र की पत्नी अर्चना से वह मिलने-जुलने लगा। उसने अर्चना को स्टेशन के पास एक ब्यूटी पार्लर खोलने में भी मदद की। कुछ दिन पहले यह बात ज्ञानेंद्र को पता चल गई। वह गुस्से में अर्चना को मायके चाकघाट छोड़ आया। मायके वालों को भी उसने पूरी बात बता दी थी। मायके वालों ने अर्चना का मोबाइल छीना तो उसने अपने भाई अमन के मोबाइल से फोन कर अमित को यह बात बता दी। 13 अप्रैल को अमित उसे मोबाइल देने गया था। तभी मायके वालों ने उसे पकड़ लिया और बंधक बनाकर पीट पीटकर मार डाला। 
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