इलाहाबाद (ब्यूरो)। जीएसटी को लेकर वाणिज्य कर विभाग में तैयारी जारी है लेकिन विभाग में पंजीकृत व्यापारी पैन अपडेशन को लेकर गंभीर नहीं है। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपने पैन को अपडेट नहीं कराया है। ऐसे में जीएसटी लागू होने पर उनके लिए समस्या बढ़ सकती है। वाणिज्य कर मुख्यालय ने व्यापारियों को इसके लिए 31 अक्तूबर का समय दिया है। इस अवधि तक पैन अपडेशन न कराने पर व्यापारियों के टिन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रदेश में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या लाखों में है। इसमें से बड़ी संख्या ऐसे व्यापारियों की है, जिन्होंने पैन अपडेट नहीं कराए हैं। देश में अप्रैल 2017 से जीएसटी लागू करने की तैयारी है। इस व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों को पैन का सत्यापन कराना आवश्यक है, क्योंकि उनको जीएसटीएन के डाटा बेस में माइग्रेशन किया जाना है। डाटाबेस माइग्रेशन का कार्य 15 से 31 दिसंबर के बीच होना है। ऐसे में विभाग ने व्यापारियों को पैन अपडेशन के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया है। इस अवधि में विभागीय डाटा बेस में उपलब्ध सभी पैन के सत्यापन के काम भी पूरा किया जाना है।
पैन अपडेशन का काम समय से पूरा कराने के लिए नोडल अफसर भी नियुक्त किए गए हैं। एडीशनल कमिश्नर जीएसटी विवेक कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पैन अपडेशन में आ रही समस्या का एनआईसी के जरिए निस्तारण किया जाए। जिन व्यापारियों के पैन, ई-मेल आईडी एवं मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं और वह विभागीय ऑनलाइन सर्विसेज का प्रयोग नहीं कर रहे हैं, उनके संबंध में व्यापारी सुविधा केंद्र से जारी की जाने वाली रसीद में अंकित विवरण के आधारपर डाटा अपडेशन का कार्य पूरा किया जाए। इस अवधि तक अपडेशन न कराने पर व्यापारियों का टिन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू होगी।