Ticket maker gets caught with restricted software
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प्रयागराज। प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर से रेलवे की ई टिकट बुक करने वाले दो युवक आरपीएफ के हत्थे चढ़े। इन दोनों युवकों द्वारा सात पर्सनल आईडी के माध्यम से निकट भविष्य के 10 ई टिकट भी बरामद किए गए। दोनों ही युवकों के खिलाफ आरपीएफ ने रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
आरपीएफ की डिटेक्टिव विंग और छिवकी पोस्ट को सूचना मिली थी कि ई टिकट का कारोबार प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर एएनएमएस और स्टार-वी2 के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें राहुल सिंह यादव नाम का युवक विभिन्न पर्सनल आईडी से ई टिकट बना रहा है। उसका साथ बृजेश यादव भी दे रहा है। जो आईआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट है। सर्विलांस और आईपी एड्रेस के माध्यम से आरपीएफ के एसआई अमित द्विवेदी, धीरज, अविनाश शंकर, शिव नरेश, मनोज कुमार राय, शैलेंद्र कुमार सिंह ने दोनों युवक की धरपकड़ की। जांच के दौरान दोनों युवकों द्वारा 36 पर्सनल आईडी से टिकट पर अंकित मूल्य लेकर प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर पर ई टिकट बनाने की बात सामने आई। आईआरसीटीसी से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 से अब तक 11.22 लाख रुपये के टिकट उक्त आईडी से बनाने की बात उजागर हुई। इस दौरान दोनों युवकों के पास से 11 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन आदि बरामद किया गया। एसआई अमित द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में एक वांछित धीरेंद्र तिवारी को भी सिविल लाइंस से गिरफ्तार किया गया।
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