लीपापोती में लगे कई आलाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
जहरीली शराब कांड के बाद कई जिला आबकारी अधिकारी, इंस्पेक्टर, सिपाही जांच के दौरान दोषी पाए गए जिन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद कई आलाधिकारी जांच में लीपापोती करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इन सभी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कई लोगों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
सरकारी रिकॉर्ड में कब और कितनी मौंतें
नवंबर 2020 में प्रयागराज में 7 मौतें, जिला आबकारी अधिकारी निलंबित, एक इंस्पेक्टर तथा एक सिपाही निलंबित, 27 मई 2021 से 5 सितंबर 2021 तक 126 मौतें, 26 आबकारी व पुलिस के कर्मचारी, अधिकारी दोषी, आगरा में अगस्त 2021 में 8 मौतें, आरोप पत्र देकर जिला आबकारी अधिकारी का कानपुर तबादला, इंस्पेक्टर व सिपाही निलंबित, फतेहपुर मई 2021 में चार मौतें, एक इंस्पेक्टर व एक सिपाही निलंबित किया गया।
इसी तरह हाथरस 2021 में छ: मौतें, एक इंस्पेक्टर व दो सिपाही निलंबित, प्रतापगढ़ में मार्च 2021 में चार मौतें, एक इंस्पेक्टर व एक सिपाही निलंबित, रायबरेली में जनवरी 2022 में छ: मौतें, जिला आबकारी अधिकारी, एक इंस्पेक्टर व दो सिपाही निलंबित, आजमगढ़ में फरवरी 2022 में तीन मौतें, एक इंस्पेक्टर, दो सिपाही निलंबित, फिरोजाबाद में चार मौतें, डीओ, इंस्पेक्टर व सिपाही निलंबित किया गया।
मुझे इस बारे में एडिशनल कमिश्नर से बात करनी पड़ेगी। कार्रवाई क्या हुई है, यह मैं बात करके ही बता पाऊंगा।-- सेंथिल पांडियन सी, आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश।