महाकुंभ मेला क्षेत्र में संगम स्नान को उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला
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महाकुंभ नगर में सोमवार और मंगलवार को तीन नए विश्व कीर्तिमान बनेंगे। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की मौजूदगी में कीर्तिमान बनाए जाएंगे। मेला प्रशासन ने महाकुंभ में चार नए विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना बनाई है। जिनमें से एक नदी स्वच्छता का रिकाॅर्ड 14 फरवरी को बन चुका है।
इसमें 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने तीन अलग-अलग घाटों पर नदी की सफाई करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया। हालांकि, भीड़ को देखते हुए तीन अन्य रिकॉर्ड बनाने की योजना आगे बढ़ा दी गई। सोमवार से मंगलवार के बीच तीनों रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि मेला प्रशासन कुंभ-2019 में बनाए हुए अपने ही तीनों रिकॉर्ड को तोड़ेगा। सोमवार को 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ झाड़ू लगाकर स्वच्छता का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। इसके लिए अरैल में हेलीपैड मार्ग, परेड में लाल सड़क, झूंसी की तरफ अखाड़ा मार्ग आदि स्थानों को चुना गया है। इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
इससे पहले मेला प्रशासन की ओर से ही कुंभ-2019 में 10 हजार सफाईकर्मियों के साथ स्वच्छता का रिकॉर्ड बनाया गया था। 25 फरवरी (मंगलवार) को दो विश्व रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। पहले में 10 हजार लोगों के हैंड प्रिंट लिए जाएंगे। इसके लिए गंगा पंडाल व अन्य प्रमुख स्थलों पर कैनवास रखे जाएंगे। मेला प्रशासन ने कुंभ-2019 में 7,500 लोगों के हैंड प्रिंट लेने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके साथ ही एक साथ 550 से अधिक शटल बसों के संचालन का रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
यह जिम्मेदारी परिवहन विभाग को दी गई है। मेला प्रशासन की ओर से कुंभ-2019 में 500 बसाें के संचालन का रिकॉर्ड बनाया गया था। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि तीनों रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयारी की जा रही है। इस दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।