महाकुंभ मेले में मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पहली बार मानव तस्करी विरोध इकाई (एएचटीयू) के तीन थाने बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसमें मानव तस्करी और लापता लोगों के तलाश जुड़ी शिकायतों का निस्तारण होगा। ये थाने मेला क्षेत्र के अरैल, झूंसी और परेड ग्राउंड में बनेंगे। तीन थाना प्रभारियों की नियुक्त पर भी मंथन चल रहा है। महाकुंभ मेले में भीड़ अधिक होने के कारण कई बार बच्चे अपनों से बिछड़ जाते हैं।
अपराधी भी भीड़ का फायदा उठाकर मानव तस्करी करते हैं। इन्हीं शिकायतों से निपटने के लिए एसएसपी मेला ने एएचटीयू थाने बनाने की कवायद शुरू की है। 15 दिसंबर पहले यह बनकर तैयार हो जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थानों में तैनात पुलिसकर्मी सिर्फ मानव तस्करी से संबंधित केस ही निपटाएंगे। वहीं, महिला थाने और तीन जल पुलिस थानों का भी निर्माण होना है। बता दें कि मेला में कुल 56 थानों का निर्माण हो रहा है।
पहली बार बनेगा साइबर थाना, प्रभारी भी नियुक्त
महाकुंभ में श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचाने के लिए साइबर थाना भी बनाया जाएगा। इस थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि पहली बार मेला क्षेत्र में साइबर थाना स्थापित किया जा रहा है। उन्नाव से आए निरीक्षक विनीत मिश्रा को साइबर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इतना ही नहीं साइबर सुरक्षा को लेकर होर्डिंग व पोस्टर भी लगाए जाएंगे।
मेला क्षेत्र में अरैल, झूंसी और परेड ग्राउंड में तीन मानव तस्करी विरोध इकाई थाने बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके बनने से लापता लोगों को तलाशने में आसानी होगी। साथ ही श्रद्धालुओं को ठगी से बचाने के लिए साइबर थाना भी बनाया जाएगा।
- राजेश द्विवेदी, एसएसपी, महाकुंभ