हनुमानगंज के बहादुरपुर विकास खंड के सरायलाहुरपुर और लोढ़वा गांव में बुखार से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक ग्रामीण निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने डेंगू बताया था। उनके प्लेटलेट्स बहुत कम हो गए थे। हालांकि, जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि उन्हें डेंगू से मौत की कोई जानकारी नहीं है। पोर्टल पर अभी कोई अपडेट नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि तकरीबन दो सप्ताह से गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। दस दिन पहले सराय लाहुरपुर गांव की मीरा सिंह (35) पत्नी धर्मेंद्र सिंह, तुलसीराम भारतीया (61) और लोढ़वा गांव की सितारा (60) पत्नी मंसूर की मौत हो गई। सितारा की मौत के बाद उसका पति मंसूर भी दो दिन बाद बीमार पड़ गया। इसी प्रकार सराय लाहुरपुर गांव की सुमन सिंह पत्नी अनिल सिंह की तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन उन्हें वेदांता अस्पताल लखनऊ ले गए हैं।
गांव निवासी डॉ. चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि एक ही परिवार के इंद्र बहादुर सिंह, पत्नी गायत्री देवी तथा पुत्री प्रियंका एवं सुधा सिंह पत्नी रमेश सिंह भी तेज बुखार की चपेट में हैं जिनका इलाज निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा तेज बुखार की चपेट में आए गांव के ही सुरेंद्र सिंह, आशा, पूनम सिंह , महेंद्र सिंह, सुमन, धीरेंद्र का इलाज क्षेत्र के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा एट बनी के अधीक्षक डॉ. मनीष मौर्य ने बताया कि जानकारी होने पर टीम गई थी। जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिजन डेंगू पॉजिटिव की रिपोर्ट नहीं दिखा सके हैं। कई लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं जो अपना इलाज करा रहे हैं। गांव में एहतियातन दवा का छिड़काव करा दिया गया है। वहीं, जिला मलेरिया अधिकारी आनंद सिंह ने कहा कि उनके पास किसी भी मरीज की डेंगू से मौत की जानकारी नहीं है।