ढाबा संचालक के मुताबिक, दहशत में आकर उसने 45 हजार नकद दे दिए। साथ ही शेष रकम अगले दिन देने की बात कही। जिस पर वह रुपये लेकर चले गए। शनिवार दोपहर तीन बजे के करीब चारों टाटा सफारी गाड़ी से फिर आ धमके। उसने रुपये देने में असमर्थता जताई तो हाथ पकड़कर गाड़ी में घसीटने लगे। उसके शोर मचाने पर अगल-बगल स्थित होटल के कर्मचारी जुटने लगे और विरोध कर दिया।
विवाद होता देख सफारी लेकर आए आरोपियों का एक साथी भाग निकला।उधर तीनों से पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम आलोक सिंह निवासी आश सारनाथ जनपद वाराणसी, दूसरे ने राम परवेश यादव निवासी अतरौली थाना नगरा जनपद बलिया व तीसरे ने राहुल श्रीवास्तव निवासी देवरिया थाना जमनिया जनपद गाजीपुर बताया। यह भी बताया कि सफारी लेकर भाग निकलने वाला उनका साथी गौरव श्रीवास्तव है।
गोपीगंज थाने ले जाने पर खुली सिपाहियों की पोल
सूचना पर गोपीगंज पुलिस पहुंची और तीनों को थाने ले जाया गया। वहां पता चला कि इनमें से आलोक व राम परवेश पुलिस विभाग में सिपाही हैं और हंडिया थाने में तैनात हैं। इसके बाद ढाबा संचालक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों के खिलाफ रंगदारी वसूलने, मारपीट, गालीगलौज व धमकी देने समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कर लिया गया है। उनके एक साथी की तलाश की जा रही है। - डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक।