इलाहाबाद। पुलिस बदल रही है। विश्वास न होता हो तो परेड ग्राउंड में लगी पुलिस प्रदर्शनी को देख आइए। इसमें पुलिस के थ्री नॉट थ्री से लेकर एके 47 तक के सफर को प्रदर्शित किया गया है। आज पुलिस जो हथियार इस्तेमाल कर रही है और पहले जिन बंदूकों के बूते बदमाशों से मोर्चा लेती थी, सभी को प्रदर्शनी में रखा गया है। इसमें इन्सास जीएम, अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, इन्सास 5.5 एमएम, कार्बाइन अमोघ, सब मशीन गन, एके 47, टियर गन, 12 बोर पंप गन, मल्टी बैरल लांचर के साथ ही चिली बम, बुलेट प्रूफ जैकेट, हेलमेट और जल पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा यातायात पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन सोमवार को आईजी जोन दलजीत सिंह चौधरी ने किया। इस मौके पर डीआईजी भगवान स्वरूप, डीएम भवनाथ, एसएसपी दीपक कुमार, एसपी सिटी राजेश यादव, एसपी मेला नीरज पांडेय आदि मौजूद रहे। प्रदर्शनी में रखे गए सभी बम और हथियार को आयुध भंडार सीतापुर से लाया गया है। बुलेट प्रूफ, बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, चिली बम, करंट वाले डंडे को कानपुर के वस्त्र भंडार से लाया गया है। जल पुलिस के स्टॉल पर तैराकी के पोशाक, आक्सीजन सिलेंडर तथा फायर ब्रिगेड के स्टॉल पर आग बुझाने में उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी तीन फरवरी तक खुली रहेगी।
प्रदर्शनी में भारत के साथ ही जर्मनी तथा बुल्गेरिया में बने हथियारों को भी रखा गया है। सबके आकर्षण का केंद्र रही इनसास गन मशीन। यह बंदूक 700 मीटर तक अचूक निशाना लगाने में समक्ष है। अन्य हथियार भी दो सौ से लेकर चार सौ मीटर तक निशाना लगा लेते हैं। सबसे भारी बंदूक एके 47 रही। इसका वजन 3.830 किलो है।