जयपुर में हनुमान जी को लेकर दिए बयान पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सफाई दी। कहा, जिन्हें धर्म और मर्म की जानकारी नहीं है, वही बाल की खाल निकालते हैं। त्रिवेणी बांध स्थित शंकर विमान मंडपम के चार दिनी कुंभाभिषेकम महोत्सव के समापन पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा, किसी भी कार्य पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन उसे सफलतापूर्वक पूरा करना मुश्किल है। इससे पहले उन्होंने त्रिवेणी बांध स्थित बड़े हनुमान मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए और आरती उतारी।
वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने हनुमान जी को दलित की संज्ञा दिए जाने और मुख्यमंत्री के हनुमान दर्शन एवं आरती प्रकरण पर कहा, मुख्यमंत्री योगी जब भी प्रयागराज आते हैं, वह बड़े हनुमानजी के दर्शन करना नहीं भूलते। इस बार भी उन्होंने उसी आस्था और भाव के साथ कार्यक्रम में शामिल होने से पहले बड़े हनुमान के दर्शन किए और उनकी आरती उतारी। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा, यह देश का दुर्भाग्य है कि हम देवी-देवताओं को भी जातियों में बांटने लगे हैं। जहां तक हनुमान जी के बारे में मुख्यमंत्री योगी की टिप्पणी का सवाल है तो यह उनका निजी मत है। देवी-देवताओं की कोई जाति नहीं होती है, उन्हें किसी भी प्रकार से जाति-संप्रदाय से जोड़कर देखना उचित नहीं है।