होली के बाद आए पहले रविवार को अपने गंतव्य की ओर वापसी करने वाले लोगों की वजह से तमाम ट्रेनें प्रयागराज से ठसाठस गईं। इस वर्ष यह पहला मौका रहा कि जब प्रयागराज एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस में रविवार को इलाहाबाद से नई दिल्ली के लिए नो रूम हो गया। प्रयागघाट से मेरठ जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस में भी नो रूम की स्थिति रही। इसके अलावा दिल्ली रूट की र्कई अन्य ट्रेनों में भी रविवार को नो रूम की स्थिति रही।
प्रयागराज से विभिन्न स्थानों की ओर होली बाद की तमाम ट्रेनें तकरीबन चार माह पूर्व ही पैक हो गई थीं। रविवार को संगम, प्रयागराज, दुरंतो, महाबोधि, रीवा एक्सप्रेस, शिवगंगा, पुरुषोत्तम आदि ट्रेनों की रवानगी के दौरान जंक्शन पर खासी भीड़ हो गई। ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची के साथ नो रूम होने की वजह से जिसे जहां जगह मिली वह वहीं बैठ गया। दिल्ली जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस के स्लीपर श्रेणी में प्रतीक्षा सूची 700 का आंकड़ा पार कर गई। इसके बाद इसमेें नो रूम हो गया। इसके थर्ड एसी में प्रतीक्षा सूची 226 और एसी टू में 151 तक पहुंच गई। इसी तरह दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस में भी रविवार को स्लीपर में नो रूम हो गया। दिल्ली रूट की ब्रह्मपुत्र मेल, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मंडुवाडीह-नई दिल्ली, शिवगंगा एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में भी नो रूम रहा। मेरठ जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस में भी इस सीजन में पहली बार नो रूम रहा।
उधर, मुंबई रूट की प्रमुख ट्रेनों की बात करें तो गोदान एक्सप्रेस के स्लीपर, एसी थ्री, एसी टू में रविवार को सफर की गुंजाइश नहीं रही। इसकी तीनों श्रेणियों में नो रूम रहा। यही स्थिति कामायनी एक्सप्रेस, काशी एक्सप्रेस की भी रही। इलाहाबाद जंक्शन से जयपुर जाने वाली मथुरा एक्सप्रेस के स्लीपर में 315, एसी थ्री में 100 एवं एसी टू में प्रतीक्षा सूची 50 के पार रही। आने वाले कई दिन में भी संबंधित ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म बर्थ नसीब नहीं होने वाली। उधर तमाम ट्रेनों के आरक्षित कोचों में वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के बैठ जाने की वजह से जिन लोगों ने काफी पहले ही अपने रिजर्वेशन ट्रेनों में करा रखे थे, उन्हें काफी परेशानी हुई। तमाम स्लीपर कोच जनरल कोच में तब्दील हो गए। तेज गर्मी की वजह से दिन में ट्रेनों के जनरल कोच में बैठे यात्रियों का भी बुरा हाल रहा।