2019 में 10 मई को बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने संगम की रेती पर चुनावी सभा को संबोधित किया था। 2019 में प्रदेश में भी योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा की सरकार बन गई थी। यह संबोधन भी हाल ही में बीते कुंभ की भव्यता के अलावा युवाओं पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत ही सामान्य बिरादरी के गरीब परिवारों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण के फैसले से की थी। उस समय प्रधानमंत्री ने कहा था, उन युवाओं को शुभकामनाएं जो तमाम प्रतियोगी तथा प्रवेश परीक्षाओं में बैठने जा रहे हैं। उनके यह पहला अवसर है जब सामान्य वर्ग के गरीब युवाओं को भी 10 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा मिलने जा रही है।
इससे ईतर मंगलवार की सभा में इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं भर्तियों का जिक्र तो किया लेकिन संबोधन में केंद्र तथा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के अलावा लोकल कनेक्ट के सहारे सभी को साधने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने बड़े हनुमानजी और माता त्रिवेणी को प्रणाम करने से संबोधन की शुरुआत की और फिर कुंभ, कटरा की कचौड़ी, समोसे का जिक्र करते हुए लोगों के दिलों में उतरने की कोशिश की।
उन्होंने यहां की खुबियों के अलावा प्रयागराज में हुए कार्यों को भी गिनाया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई बाद प्रयागराज की भाषा का उपयोग किया। और आखिर में अपने अनोखे अंदाज तथा देशज भाषा में कहा, अमे जोर से बोलो, दोनों सीट पे कमल खिले न। इसी क्रम में कहा, घर-घर जाइये और बताइए की मोदी ने आप सभी को जय श्रीराम कहा है। रैली में आई भीड़ ने भी तालियों और नारों के माध्यम से उनकी इस अपील का स्वागत तथा हर घर तक पहुंचाने का वादा किया।