संगम की रेती पर 14 जनवरी से शुरू हो रहा कुंभ भी डिजिटल कुंभ बन रहा है। कुंभ को लेकर तमाम तरह की जानकारी तो आनलाइन उपलब्ध कराई ही जा रही है, अगर दुर्भाग्य से जन-सैलाब में आप अपनों से बिछड़ जाते हैं तो डिजिटल खोया-पाया कैम्प आपकी मदद करेगा। यानी आप जिनसे बिछड़ गए हैं, उनसे मिलाएगा।
जानकारी के अनुसार संगम पर अब तक लगने वाले कुम्भो में सबसे अलग होगा खोया पाया विभाग। इसलिए कि इस बार खोया-पाया विभाग पूरी तरह से डिजिटल है।
बिछड़ने की स्थिति में खोए हुए व्यक्ति की पूरी जानकारी ली जाएगी और उसे मेले में लगी सभी एलसीडी पर तस्वीर के साथ दिखाई जाएगी।
सबसे खास बात यह है कि वह तस्वीर और जानकारी मेले के अलावा शहरों में लगे एलसीडी पर भी दिखेगी। खोए या बिछड़े हुए शख्स की जानकारी तस्वीर के साथ लगातार डिस्पले होती रहेगी।
इस बारे में आईजी मोहित अग्रवाल कहते हैं कि इस बार मेले में खोया पाया विभाग पूरी तरह से डिजिटल है। जब पूरा भारत डिजिटल राह पर तेजी के साथ बढ़ रहा है तो अन्य व्यवस्थाएं भी उसी राह पर चलेंगी।