वायु प्रदूषण संरक्षण को लेकर नगर निगम की तरफ से पहली बार होलिका दहन में गोबर के उपलों का उपयोग करने की तैयारी है। उपले के वितरण की शुरुआत कीडगंज में महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी के क्षेत्र से होगी।
वायु प्रदूषण संरक्षण को लेकर नगर निगम की तरफ से पहली बार होलिका दहन में गोबर के उपलों का उपयोग करने की तैयारी है। उपले के वितरण की शुरुआत कीडगंज में महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी के क्षेत्र से होगी।
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इसके अलावा नगर निगम के तहत आने वाले सभी जोनों के वार्डाें में गोबर के उपले रखे जाएंगे। नगर निगम के पशुधन विभाग ने लगभग 20 दिनों में एक लाख से अधिक गोबर के उपले तैयार किए हैं। जिसके लिए शंकरगढ़, गोहरी, रसूलपुर व मरियाडीह की गोशाला से गोबर लिए गए हैं। वहीं, अभी पांच हजार उपले और तैयार करने की तैयारी है। ऐसे में तैयारी है कि सभी वार्डों के जोनों में होलिका में उपले रखने के लिए वितरित किए जाएंगे।
होलिका दहन में गोबर के उपलों (कंडों) का उपयोग मुख्य रूप से धार्मिक पवित्रता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाता है। गाय के गोबर को अत्यंत पवित्र मानकर नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए जलाया जाता है। यह वैज्ञानिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण रखता है और सर्दी-गर्मी के संधिकाल में रोगाणुओं को नष्ट करता है।
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पहली बार होलिका में गोबर के उपलों को शामिल करने की तैयारी है। जिसके लिए 20 दिनों से उपलों को तैयार किया जा रहा है। महापौर के क्षेत्र से उपलों को होलिका के लिए वितरित करने का शुभारंभ किया जाएगा। - डॉ. बिजय अमृत राज, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम।