भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने रविवार को प्रयागराज मे पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह कृषि कानून के खिलाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक कानून बनाने के लिए देशभर में यात्रा निकाल रहे हैं ।
इस क्रम में बंगाल के बाद वह आज प्रयागराज के रास्ते मध्य प्रदेश रीवा के दौरे पर जाएंगे ।उनका कहना है कि बंगाल भाजपा से जुड़े लोग किसानों से एक मुट्ठी चावल ले रहे है । इसलिए वहां के किसानों से कहा है कि चावल दे तो साथ ही यह मांग कर रखें कि इस चावल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय किया जाए । उनकी मांग है कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1850 होना चाहिए। इसी को लेकर सरकार से लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी चल रही है।
टिकैत ने यह भी कहा कि यह सरकार किसी पार्टी की नहीं बल्कि नामी व्यापारियों की है। पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस चुनाव को लेकर वह भाजपा का कोई विरोध नहीं करेंगे। वैसे भी यह चुनाव व्यक्तिगत ही होता है। टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की भावनाओं को समझे। बीते कुछ वर्ष में गरीब और गरीब हो रहा है जबकि अमीर पहले से ज्यादा अमीर हो गए हैं। संगम किनारे लगने वाली माघ मेला शिविर में वह इस बार नहीं आ सके इसके लिए उन्होंने किसान यूनियन से जुड़े लोगों से माफी भी मांगी।