इस पर ब्रह्मचारी श्रीधरानंद का कहना था कि ज्योतिष्पीठ की भूमि -सुविधा जबतक जारी नहीं होगी, तबतक वह भूमि पूजन के लिए नहीं आएंगे। श्रीधरानंद ने पूर्व में 2017 के मेले के दौरान हुए भूमि विवाद का भी हवाला दिया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश की प्रति भी मेलाधिकारी को दी, जिसके आधार पर उन्हें ज्योतिष्पीठ की सुविधाएं मिलती रही हैं। इस पर मेलाधिकारी का कहना था कि वह इस संबंध में मिले कोर्ट के अन्य आदेशों की प्रतियों का भी परीक्षण करा लेंगे, लेकिन फिलहाल ज्योतिष्पीठ की भूमि किसी के नाम आवंटित नहीं की जा सकती।
द्वारका पीठ के अलावा दो अन्य संस्थाओं की भूमि सुविधा जारी कर दी गई है। ज्योतिष्पीठ की भूमि-सुविधा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में ही जारी की जा सकती है। ब्रह्मचारी श्रीधरानंद की ओर से दिए गए कोर्ट के आदेश की प्रति का भी परीक्षण कराया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के क्रम में ही निर्णय लिया जाएगा। - अरविंद चौहान, मेलाधिकारी।