इलाहाबाद (ब्यूरो)। पठानकोट स्थित एयरबेस में हुए हमले को देखते हुए माघ मेले में भी चौकसी बरती जानी शुरू हो गई है। एक तरफ जहां सेना और पुलिस ने इस मामले को लेकर मोर्चा संभाला हुआ है वहीं संत भी अपने स्तर से सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर रहे हैं। संत शिविर में आने वाले तमाम कल्पवासियों श्रद्धालुओं का आई कार्ड जारी करेंगे। उनके शिविरों में बगैर पहचान पत्र के प्रवेश नहीं मिलेगा।
ज्योतिष एवं द्वारिकाशारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिविर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को परिचय पत्र दिखाने के बाद ही शिविर में प्रवेश मिलेगा। शंकराचार्य के माघ मेला प्रभारी मनकामेश्वर मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी के अनुसार शंकराचार्य शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं के आने की सूचना के आधार पर उनके आई कार्ड बनाए गए हैं। पहचान से मिलान करने के बाद ही शिविर में रुकने की अनुमति दी जाएगी। ऐसा ही पुरी के शंकराचार्य शिविर, गंगा सेवा अभियानम, गंगा सेना आदि शिविरों में व्यवस्था की गई है।
खाक चौक के संतों ने भी पहचान पत्र बनाने निर्णय किया है। महामंत्री सतुआबाबा संतोषदास के अनुसार मकर संक्रांति स्नान से पहले पहचान पत्र दे दिए जाएंगे। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में आने वाले भक्तों को आई कार्ड जारी किए जाएंगे। मठ के स्वामी सुहृदानंद महराज बताते हैं कि अभी तक कुंभ अर्द्ध कुंभ के दौरान ही आई कार्ड जारी किए जाते रहे हैं। माघ मेला में यह व्यवस्था पहली बार की जा रही है।
माघ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को एक महीने के लिए मिलने वाला राशन कार्ड खाद्य सामग्री दिलाएगा ही पहचान भी कराएगा। मोरी मार्ग पर बसे दंडीनगर में आने वाले श्रद्धालुओं के राशन कार्ड ही उनके पहचान पत्र होंगे। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम के मुताबिक दंडीनगर में कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के राशन कार्ड उनके पहचान पत्र होंगे। अलग से उन्हें पहचान पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। शिविर में रहने वाले दंडी संन्यासियों की पहचान और सारी जानकारी समिति के पास है।