महाकुंभ के दौरान आने वाले स्नानार्थियों के लिए शहरियों के घरों के दरवाजे भी खुलेंगे। इच्छुक लोगों के घरों को पेइंग गेस्ट हाउस के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसके तहत 1500 घरों को पेइंग गेस्ट हाउस के रूप में तब्दील करने की योजना बनाई गई है। इसे बढ़ावा देने के लिए कमेटी भी बनाई गई है।
महाकुंभ क्षेत्र में स्नानार्थियाें के लिए टेंट सिटी, डॉरमेट्री आदि की व्यवस्था तो की ही जाएगी, शहरियों से भी भवन किराये पर लेने की योजना बनाई गई है। इससे स्नानार्थियों को रहने की सुविधा मिलने के साथ शहरियों की भी आय बढ़ेगी।
इसके लिए इच्छुक शहरी जिला पर्यटन अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर पंजीकरण करा सकते हैं। डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण को इसका नोडल बनाया गया है।
इसके अलावा सीडीओ, प्राधिकरण के सचिव, अपर नगर आयुक्त की कमेटी भी बनाई गई है। यह कमेटी पूरी प्रक्रिया एवं व्यवस्था पर निगरानी रखने के साथ शहरियों को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित भी करेगी। डीएम ने बताया कि संस्थाओं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से भी शहरियों को इसके लिए आगे आने की अपील की जाएगी।