दिवाली के एक रोज पहले इलाहाबाद आने एवं यहां से जाने वाली सभी ट्रेनें एवं बसें यात्रियों से फुल रहीं। आलम ये रहा कि यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज को दिन भर में 60 अतिरिक्त बसें चलानी पड़ गईं। अधिकांश बसें पूर्वांचल के विभिन्न जिलों की तरफ रवाना की गईं। इस दौरान ट्रेनों में एक अदद बर्थ के लिए यात्री टीटीई, आरपीएफ और जीआरपी कर्मियों के आगे पीछे घूमते रहे। इलाहाबाद आने वाली ट्रेनों की बात करें तो अधिकांश में वेटिंग टिकट वाले यात्री कोच की जमीन और गैलरी में चादर बिछाकर यहां पहुंचे।
दिवाली के एक रोज पहले ट्रेनों और बसों में भीड़ का उमड़ना पहले से ही तय था। इसी वजह से रोडवेज और रेलवे ने अपनी तैयारी की, लेकिन भीड़ के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। रोडवेज के सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन पर सुबह नौ बजे के बाद एकाएक खासी भीड़ उमड़ी। अधिकांश यात्री पूर्वांचल के तमाम जिलों के रहे। इसके अलावा चित्रकूट रूट के यात्रियों की भी संख्या खासी रही। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज द्वारा आज 60 अतिरिक्त बसें चलाई गईं।
उधर इलाहाबाद जंक्शन पर भी दिन भर यात्रियों की भीड़ रही। यहां से दिल्ली, मेरठ, मथुरा, आगरा, देहरादून, लखनऊ, मुरादाबाद, पटना, जबलपुर आदि रूटों की तरफ जाने ट्रेनों में खूब भीड़ गई। यही हाल इन स्थानों से आने वाली ट्रेनों को रहा। नई दिल्ली से इलाहाबाद के चली प्रयागराज, रीवां आदि ट्रेनों के स्लीपर, थर्ड एसी श्रेणी में नो रूम होने से जिसे जहां जगह मिली वह वहीं बैठकर इलाहाबाद पहुंच गया। बताया जा रहा है कि रविवार को भी इलाहाबाद आने वाली ट्रेनों में खासी भीड़ आने की संभावना है। उधर रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिश्चंद्र यादव का कहना है रविवार को आसपास के जिलों के लिए सिटी बसें चलाई जा सकती हैं।