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ग्राहकों की कसौटी पर खरी नहीं उतरी गोल्ड बांड स्कीम

Fri, 22 Jul 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सरकार की ओर से दूसरी बार बाजार में लाई गई ‘सावरेन गोल्ड बांड योजना’ ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल नहीं रही। बैंकों को निर्देश था कि कोई निवेशक अधिकतम 500 ग्राम एवं न्यूनतम एक ग्राम के बांड खरीद सकता है। इसे प्रमुखता से लागू करने वाले भारतीय स्टेट बैंक में ही ग्राहकों ने बहुत उत्साह नहीं दिखाया। योजना समाप्ति की पूर्व संध्या तक एसबीआई सहित अन्य बैंकों में भी इस योजना को लेकर ग्राहकों में बहुत उत्साह नहीं दिखाई पड़ा।
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भारतीय स्टेट बैंक की त्रिवेणी शाखा की सहायक महाप्रबंधक संगीता सहाय अस्थाना कहती हैं, शाखा को गोल्ड बांड स्कीम के तहत एक किलोग्राम तक के बांड की बिक्री का लक्ष्य मिला था लेकिन अब तक आधा किलोग्राम का लक्ष्य ही हासिल हो सका है। कोशिश होगी कि अंतिम दिन, 22 जुलाई तक मुख्यालय की ओर से तय लक्ष्य हासिल किया जा सके। एसबीआई कर्नलगंज शाखा के मुख्य प्रबंधक अनिल सिन्हा कहते हैं, सरकार की ओर से जारी गोल्ड बांड स्कीम में पैसा निवेश करना फायदे का सौदा है।   अबकी बार गोल्ड बांड पर 2.75 फीसदी टैक्स फ्री ब्याज देने की घोषणा की गई है, यह पिछली योजना से भिन्न है।आरबीआई की ओर से सोने की कीमत बाजार को आधार मानकर तय की जाती है। बीते एक वर्ष में सोने के निवेशकों को 15 फीसदी का रिटर्न मिला है। ऐसे में गोल्ड बांड में निवेश करना ठीक होगा। 
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पंजाब नेशनल बैंक के शशांक कहते हैं, बैंक को 500 ग्राहकों को गोल्ड बांड बिक्री का लक्ष्य दिया गया था, अब तक यह संख्या 100 तक ही पहुंची है, अंतिम दिन तक इसे पूरा करने का प्रयास होगा।

सरकार की ओर से जारी सावरेन गोल्ड बांड स्कीम की खरीद एवं बिक्री के लिए बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बैंक से मिलने वाला गोल्ड बांड बाजार में सोने के भाव से अधिक है। इसी वजह सेे ग्राहक इस योजना की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं।
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