कुंडा तहसील के कालाकांकर विकास खंड के एक गांव की आबादी 1700 है, लेकिन उस गांव में 2569 लोगों को किसान सम्मान निधि दी जा रही है। जांच के बाद कुंडा तहसील से लाभ लेने के लिए अन्य अनुचित प्रयोग के मामले सामने आ सकते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रयागराज और कौशाम्बी के 41,432 किसान ऐसे हैं, जो कुंडा तहसील के निवासी बनकर दो-दो जिलों से भुगतान ले रहे हैं। लखनऊ में डाटा मिलान में इसका खुलासा होने पर डीएम ने जांच के लिए टीम गठित की है।
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प्रतापगढ़ में 6,14,879 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान किया जा रहा है। केवल कुंडा तहसील में ही 2,13,987 लाभार्थी हैं। आशंका जताई जा रही है कि ग्राहक सेवा केंद्रों से हुए आवेदन में कौशाम्बी और प्रयागराज के लोगों ने खुद को कुंडा तहसील का निवासी दिखाया और खसरा खतौनी में छेड़छाड़ करा डाटा बदलवा दिया। इसमें कृषि और राजस्व विभाग की भी लापरवाही है।
कृषि विभाग के कर्मचारियों ने सेवा केंद्र के आवेदन को बिना सत्यापन ही आगे बढ़ा दिया। मामले की जानकारी होने पर डीएम ने कृषि विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जताई और पूरे जनपद में टीम बनाकर जांच के आदेश दिए।
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गांव में 1700 लोग, 2569 ले रहे लाभ
कुंडा तहसील के कालाकांकर विकास खंड के एक गांव की आबादी 1700 है, लेकिन उस गांव में 2569 लोगों को किसान सम्मान निधि दी जा रही है। जांच के बाद कुंडा तहसील से लाभ लेने के लिए अन्य अनुचित प्रयोग के मामले सामने आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार मृतकों और आयकर दाताओं के नाम भी लाभार्थियों की सूची में शामिल हैं।
कुंडा तहसील में प्रयागराज और कौशाम्बी के लोगों के पीएम किसान सम्मान में चयन की जानकारी मिली है। पूरे जिले में अभियान चलाकर 25 जुलाई तक जांच पूरी करने का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने पर ही वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे। विनोद कुमार यादव उपनिदेशक, कृषि